18 May 2026
24 डिसमिल के नाम पर 3.17 एकड़ जमीन की फर्जी रजिस्ट्री का आरोप, पीड़िता ने कलेक्टर से लगाई गुहार
जांच प्रशासन बड़ी खबर मांग राज्य विरोध शिकायत

24 डिसमिल के नाम पर 3.17 एकड़ जमीन की फर्जी रजिस्ट्री का आरोप, पीड़िता ने कलेक्टर से लगाई गुहार

Sarguja express……

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के मणिपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भिट्ठीकला महुआ टिकरा गांव में जमीन की फर्जी रजिस्ट्री का मामला सामने आया है। आरोप है कि 24 डिसमिल जमीन बेचने की सहमति के नाम पर भूमाफियाओं ने धोखाधड़ी कर 3.17 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करा ली। इस मामले को लेकर सैकड़ों ग्रामीण सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।

पीड़ित 68 वर्षीय सावित्री यादव ने आरोप लगाया कि उनकी करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन को षड्यंत्रपूर्वक हड़प लिया गया है। उन्होंने बताया कि जमीन का सौदा केवल 24 डिसमिल के लिए हुआ था, जिसके लिए करीब 72 लाख रुपये में बात तय हुई थी। लेकिन बाद में दलालों और अन्य लोगों ने मिलकर फर्जी विक्रय पत्र तैयार कर पूरी 3.17 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली।

पीड़िता का कहना है कि उनकी जमीन की वास्तविक कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक है, लेकिन धोखे से इसे कौड़ियों के भाव में हड़प लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में राजस्व दस्तावेजों में हेराफेरी की गई और बिना उनकी सही जानकारी के पूरी जमीन बेच दी गई।

महिला ने गांव के ही डोमन राजवाड़े पर दलाली करने का आरोप लगाया है। वहीं शिकायत में रायपुर निवासी पुष्पा अग्रवाल, अनिल अग्रवाल सहित कुल छह लोगों के नाम शामिल किए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि यह पूरी घटना सुनियोजित साजिश और कूटरचना का परिणाम है।

मामले को लेकर ग्रामीणों में भी आक्रोश देखा गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन किया जाएगा।
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इस संबंध में सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री को निरस्त करने का अधिकार सिविल कोर्ट के पास होता है, इसलिए पीड़िता को सिविल कोर्ट में आवेदन करना होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि नामांतरण से संबंधित मामले में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के न्यायालय में अपील की जा सकती है। यदि नामांतरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है तो एसडीएम द्वारा नामांतरण निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

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