Sarguja express
अंबिकापुर।
पांच राज्यों के चुनाव संपन्न होते ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। छत्तीसगढ़ के साथ-साथ अंबिकापुर शहर में भी ईंधन के दामों में इजाफा दर्ज किया गया है। पेट्रोल की कीमत में करीब 3 रुपए 11 पैसे तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि डीजल के दामों में भी वृद्धि हुई है। बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन के दाम बढ़ने से आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ना शुरू हो गया है।
शहर के पेट्रोल पंपों में शुक्रवार को बढ़ी हुई कीमतों के साथ पेट्रोल और डीजल की बिक्री की गई। जैसे ही लोगों को नई दरों की जानकारी मिली, कई वाहन चालकों और आम नागरिकों ने नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए ईंधन की कीमतों में वृद्धि एक और बोझ बनकर सामने आई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने का असर केवल वाहन चलाने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव बाजार की लगभग हर वस्तु पर पड़ता है। खासतौर पर डीजल की कीमत बढ़ने से परिवहन लागत में इजाफा होता है, जिससे सब्जी, राशन और अन्य जरूरी सामानों के दाम भी बढ़ जाते हैं। व्यापारियों और वाहन चालकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में महंगाई और बढ़ सकती है।
वाहन चालकों ने बताया कि रोजमर्रा के कामकाज और आवागमन के लिए उन्हें पहले ही काफी खर्च करना पड़ता है। अब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने से उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। कई लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह कीमतें बढ़ती रहीं तो मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए घर का बजट संभालना और भी मुश्किल हो जाएगा।
अंबिकापुर में पेट्रोल की कीमत में 3 रुपए 11 पैसे की वृद्धि ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ईंधन के दामों में हुई इस बढ़ोतरी का असर जल्द ही बाजार और आम जनजीवन पर दिखाई देगा। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी होती है या सरकार आम जनता को राहत देने के लिए कोई कदम उठाती है।

