Sarguja express…..
अंबिकापुर….स्वरंग किड्स अकेडमी का मामला थमने का नाम ही नही ले रहा। एक और सोशल मीडिया और मीडिया मेँ शिक्षा विभाग ने विद्यालय को बिना मान्यता संचालन व अवैध बता दिया तो दूसरी और समाज सेवी शुभम अग्रवाल ने शिक्षा विभाग व प्रशासन पर निशाना साधा है। शुभम अग्रवाल का कहना है की छत्तीसगढ़ मेँ मान्यता को लेकर 5 माहिने पहले तक प्रि-प्राइमरी हेतु कोई गाइडलाइन ही नही थी।5 माह पूर्व सिर्फ रजिस्ट्रेशन का नियम आया जिसकी जानकारी विद्यालय को नही दी गयी तो विद्यालय अवैध कैसे हो गया।विद्यालय की स्थापना के वक्त विद्यालय ने शिक्षा विभाग से विद्यालय संचालन के सन्दर्भ मेँ दिशा निर्देश भी माँगा था तब विभाग ने बताया था की प्री-प्राइमरी हेतु मान्यता का कोई नियम नही है 3 वर्ष पश्चात कक्षा 1 से 5वीं के लिए मान्यता दी जाएगी। शुभम अग्रवाल ने विभाग व प्रशासन पर आरोप लगाया है की विभाग ने द्वेषपूर्ण कार्यवाही की है।जाँच मेँ विद्यालय का संचालन तय गाइडलाइन से ज्यादा उत्कृष्ट पाया गया तो किस आधार पर कार्यवाही की गयी, और किस नियम और अधिकार के तहत 1 लाख रूपए जुर्माना और अवैध संचालन का प्रचार किया गया।शुभम मेँ बताया की विद्यालय पर भाषा को लेकर जो आरोप लगाए गए थे विद्यालय ने उसे निराधार बताया तो फिर आदेश मेँ किस आधार पर अपराध स्वीकार करना लिखा गया।विद्यालय को एक वर्ष स्थापना के हुए हैँ और विद्यालय ने अपनी प्रतिष्ठा बनायीं है जिससे अच्छी संख्या मेँ बच्चे भी पढ़ने आते हैँ मगर एक झूठे व निराधार आरोप पर विद्यालय की प्रतिष्ठा को विभाग ने ठेस पंहुचाई है।विभाग व प्रशासन को आदेश वापस लेना चाहिए।ऐसे एकतरफा कार्यवाही से विभाग और विद्यालय की छवि ख़राब हो रही है।

