26 May 2024
26 फिमेल एवं 6 मेल व 1 ट्रान्सजेन्डर सेक्स वर्कर एच.आई.व्ही. बिमारी से संक्रमित,सरगुजा संभाग में है 2335 मरीज, हो चुकी है 302 की मौत
राज्य स्वास्थ

26 फिमेल एवं 6 मेल व 1 ट्रान्सजेन्डर सेक्स वर्कर एच.आई.व्ही. बिमारी से संक्रमित,सरगुजा संभाग में है 2335 मरीज, हो चुकी है 302 की मौत

अंबिकापुर। एड्स या एचआइवी की संक्रमण की प्रभावी रोकथाम हेतु संगता सहभागी ग्रामीण विकास संस्थान व पीरामल स्वास्थ्य स्वंसेवी संस्थान के महेन्द्र तिवारी के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। अभी सरगुजा जिले में एड्स संक्रमित की संख्या 688 व संभाग में 2335 है। इतने मरीज में से संभाग में 302 की मृत्यू बिमारी एवं बिमारी के कारण उत्पन्न जटिलता के कारण दर्ज हुई है ।

सरगुजा जिले में 498 फिमेल सेक्स वर्कर है और 62 मेल सेक्स वर्कर है व ट्रान्सजेन्डर सेक्स वर्कर की संख्या 13 है। इन सेक्स वर्कर में से 26 फिमेल एवं 06 मेल सेक्स वर्कर व 01 ट्रान्सजेन्डर सेक्स वर्कर एच.आई.व्ही. बिमारी से संक्रमित है। इनमें से सभी लोग अपनी इच्छा से व्यापार में लगे है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (जी) के तहत कानूनी तौर पर बालिंग होने के बाद वैश्यावृत्ती समान्यतः अपराध की श्रेणी में नहीं है।

सरगुजा संभाग में कोरिया जिले में जनसंख्या की दृष्टि से एच. आई. व्ही. संक्रमित की संख्या सबसे ज्यादा है। एचआइटी संक्रमण का मुख्य कारण असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित माता से बच्चे में प्रसार व नशे में असुरक्षित इन्जेक्शन का उपयोग की लत है इंजेक्टेबल नशे से एच. आई व्ही संक्रमित की संख्या संभाग में 48 है जिसमें सुरजपुर जिले के 34 है एवं संक्रमित माँ से बच्चों को 191 का संख्या में एच. आई. व्ही संक्रामेत हुआ है. एच.आइ. व्ही. संक्रमित में सबसे ज्यादा क्षय रोग, हिपेटाइटिस बी एवं सिफलिस होने की संभावना समान्य की तुलना में 80 प्रतिशत ज्यादा होती है।

एच.आइ. व्ही संक्रमित मरीज के संपर्क में आने पर पीईपी (पोस्ट एक्सपोसर प्रोफायल्क्सीस) 28 दिन तक लेने से एच. आई. व्ही. होने की संभावना कम होती है एच. आई. की ग्रसित महिला से बच्चों को भी संक्रमण हो सकता परन्तु संक्रमित माता एवं नवजात शिशु के द्वारा दवाई के सेवन से बच्चे में एच. आई. व्ही. संक्रमण को रोका जा सकता है। एच.आइ. व्ही होने पर एआरटी की दवाईयां (एन्ट्री रेट्रो वायरस थैरेपी) सतत चलनी चहिये ।

एच. आई. व्ही. अथवा एडस बिमारी एक बार हो जाने ठीक नहीं किया जा सकता है न ही इसे बचाव हेतु कोई टीका उपलब्ध है जागरुकता व सुरक्षित यौन संबंध से एड्स से बचा सकता है। एचआईन्ही से संबंधित सभी दवाईयां राजमाता श्रीमती देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय सबंध चिकित्सालय में निःशुल्क उपलब्ध है। उक्त जानकारी नोडल अधिकारी डॉ शैलेंद्र गुप्ता ने दी।

 

 

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