Sarguja express….
अंबिकापुर।
लुंड्रा विकासखंड के ग्राम पंचायत डंडगांव स्थित शासकीय प्राथमिक शाला एवं शासकीय माध्यमिक शाला परिसर में बच्चों के पेयजल के लिए लगाए गए हैंडपंप का कथित रूप से निजी उपयोग किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल के समीप रहने वाले एक वन विभाग के वनरक्षक द्वारा हैंडपंप से लंबी पाइप जोड़कर पानी अपने घरेलू कार्यों के साथ-साथ खेती के लिए भी उपयोग किया जा रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, स्कूल परिसर में स्थापित हैंडपंप का उद्देश्य विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है, लेकिन लंबे समय से इसका उपयोग निजी लाभ के लिए किया जा रहा है। हैंडपंप से पाइप के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाए जाने से स्कूल परिसर में सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
इस संबंध में विद्यालय के जिम्मेदार सुरेंद्र केसर से चर्चा किए जाने पर उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा पीने के पानी के लिए हैंडपंप का उपयोग किए जाने की जानकारी है। हालांकि खेती के लिए पानी उपयोग किए जाने की जानकारी उन्हें नहीं थी। उन्होंने कहा कि यदि हैंडपंप का उपयोग खेती या अन्य निजी कार्यों के लिए किया जा रहा है तो इसकी जांच कर तत्काल रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय परिसर में उपलब्ध सरकारी सुविधाओं का उपयोग केवल स्कूल और विद्यार्थियों के हित में होना चाहिए। यदि सरकारी पेयजल स्रोत का निजी उपयोग किया जा रहा है तो संबंधित विभाग को इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि बच्चों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधा प्रभावित न हो और सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग रोका जा सके।

