Sarguja express
अंबिकापुर। कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार की अध्यक्षता में जिला कलेक्टरेट सभाकक्ष में सरगुजा संभाग स्तरीय एपीसी समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें रबी वर्ष 2025-26 की प्रगति की समीक्षा और खरीफ वर्ष 2026 की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों और विभागीय अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की उपलब्धियों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब समय आ गया है कि पारंपरिक खेती के साथ फसल विविधीकरण पर विशेष जोर दिया जाए। उन्होंने सरगुजा संभाग में दलहन, तिलहन, प्राकृतिक खेती और उद्यानिकी के क्षेत्र में अपार संभावनाएं बताते हुए किसानों को धान के स्थान पर अन्य फसलों की ओर प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संकट और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए जल संरक्षण के उपायों को प्राथमिकता देना अत्यंत आवश्यक है।
श्रीमती निगार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचे, इसके लिए नियमित मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पशुपालन, मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी के क्षेत्र में भी विशेष ध्यान देने की बात कही। पशुपालन में चारा विकास और नस्ल सुधार को महत्वपूर्ण बताते हुए इस दिशा में ठोस कार्य करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने नाशपाती, लीची और कटहल जैसे स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाकर उन्हें बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
बैठक में आगामी खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों के संतुलित वितरण हेतु नई ई-उर्वरक वितरण प्रणाली पर भी चर्चा की गई। इस प्रणाली के तहत एग्रीस्टेक में पंजीकृत किसानों के रकबे और फसल के आधार पर उर्वरकों का वितरण किया जाएगा। आयुक्त ने सभी किसानों का शीघ्र पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कालाबाजारी और नकली खाद पर सख्ती बरतने, उड़नदस्ता दल गठित करने और विक्रय केंद्रों की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में पीएम किसान योजना, फार्मर आईडी निर्माण, जैव उर्वरकों के उपयोग, निर्यात योग्य धान की किस्मों के विस्तार और विकसित कृषि संकल्प अभियान 2026 के क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर संभागायुक्त, विभिन्न जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ सहित कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

