17 August 2026
नागपंचमी पर 51 जोड़ों ने किया कालसर्प दोष शांति पूजन नागदेवता की पूजा-अर्चना के साथ हुआ रुद्राभिषेक, श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति की कामना की
आयोजन आस्था राज्य

नागपंचमी पर 51 जोड़ों ने किया कालसर्प दोष शांति पूजन नागदेवता की पूजा-अर्चना के साथ हुआ रुद्राभिषेक, श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और बाधाओं से मुक्ति की कामना की

Sarguja express…..

अंबिकापुर,,,, नागपंचमी के पावन अवसर पर शहर में श्रद्धा और आस्था का माहौल देखने को मिला,,, इस अवसर पर वास्तु ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित योगेश नारायण मिश्र के मार्गदर्शन में कालसर्प दोष शांति पूजन एवं महारुद्राभिषेक महामृत्युंजय मंत्र का आयोजन किया गया,,,पूजन में 51 जोड़ों ने शामिल होकर भगवान शिव और नागदेवता की आराधना की तथा परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की गई,,,,

*सावन में शिव आराधना का विशेष महत्व*

मान्यताओं के अनुसार सावन मास में भगवान महादेव की आराधना का विशेष महत्व माना गया है। नागपंचमी के अवसर पर शिवलिंग पर जल, दूध और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप और रुद्राभिषेक भी किया गया,,कालसर्प दोष को लेकर धार्मिक मान्यता है कि
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जन्मकुंडली में राहु और केतु के बीच सभी ग्रहों के स्थित होने को कालसर्प योग या कालसर्प दोष से जोड़ा जाता है। धार्मिक परंपरा में नागपंचमी को नागदेवता और भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष दिन माना गया है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा, अभिषेक और मंत्र जाप करने से मानसिक शांति मिलती है तथा जीवन में आने वाली बाधाओं से मुक्ति की कामना की जाती है।
अभिषेक से सुख-समृद्धि की कामना

पंडित योगेश नारायण मिश्र ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव का अभिषेक करने से भक्तों को सकारात्मक ऊर्जा, शांति और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। नागपंचमी पर नागदेवता की पूजा भगवान शिव की आराधना से भी जुड़ी हुई है। इसी उद्देश्य से विशेष पूजन एवं महारुद्राभिषेक का आयोजन किया गया।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा

पूजन कार्यक्रम में 51 जोड़ों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक कर परिवार के सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम के दौरान मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। आयोजन में पंडित अंकित शर्मा, पंडित लखन दुबे, राजा मिश्रा, दुर्गेश पांडेय, रुक्म पांडेय, सुमित महराज, समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही,,,।

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