Sarguja express
अंबिकापुर।
छत्तीसगढ़ में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) घोटाले की जांच में जुटी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने मंगलवार को सरगुजा जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष से जुड़े ठिकानों पर दबिश दी। ईडी की टीम ने अंबिकापुर स्थित उनकी फर्म में पहुंचकर दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह रायपुर से पहुंचे ईडी अधिकारियों ने फर्म में पहुंचकर रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया। टीम सप्लाई से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल डेटा और लेन-देन की फाइलों की बारीकी से जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में किए गए कृषि उपकरणों और अन्य सामग्री की सप्लाई को लेकर यह जांच की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने मंगलवार को रायपुर, दुर्ग, सरगुजा समेत प्रदेश के कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है। सरगुजा में कार्रवाई के दौरान मानसून एग्रो के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिस बल तैनात कर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। अधिकारियों ने किसी भी तरह की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग की अनुमति नहीं दी।
बताया जा रहा है कि ईडी की टीम और उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ भी कर रही है। हालांकि कार्रवाई के दौरान राकेश गुप्ता और उनके परिजनों के मोबाइल फोन बंद मिले। जानकारी यह भी सामने आई है कि मानसून एग्रो फर्म का संचालन उनके भाई द्वारा किया जाता है।
जांच एजेंसी का फोकस उन सप्लाई ऑर्डरों पर है, जो भूपेश सरकार के कार्यकाल में कृषि विभाग को दिए गए थे। आरोप है कि डीएमएफ मद से जारी बड़ी राशि के जरिए कृषि उपकरण और अन्य सामग्रियों की खरीद मानसून एग्रो और उससे जुड़े अन्य फर्मों से की गई थी। इसी आधार पर ईडी ने फर्म को जांच के दायरे में लिया है।
फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जिले में इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

