Sarguja express…. (दीपक सराठे )
अंबिकापुर। एचआईवी संक्रमण की पहचान, नियमित उपचार और संक्रमण नियंत्रण के प्रयासों में सरगुजा जिले ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) के मिशन एड्स सुरक्षा अभियान के तहत जिला ‘सुरक्षित’ श्रेणी में पहुंच गया है। इस उपलब्धि के साथ सरगुजा छत्तीसगढ़ में यह श्रेणी हासिल करने वाला पहला जिला बना है। अब जिले का लक्ष्य ‘सुरक्षित प्लस’ श्रेणी प्राप्त करना है।
जिला एड्स नियंत्रण सोसायटी के प्रभारी डॉ. शैलेन्द्र गुप्ता के अनुसार, जिले में अब तक 824 एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की पहचान की गई है। इनमें से 801 का एंटीरेट्रोवायरल उपचार शुरू किया जा चुका है। उपचाररत मरीजों में वायरल लोड नियंत्रण की दर 99 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है।
नाको के वर्गीकरण में सरगुजा को बिलासपुर के साथ मध्यम प्रसार वाले जिलों में रखा गया है। मिशन के तहत जिलों की प्रगति का आकलन ‘संघर्षशील’, ‘सक्षम’, ‘सुरक्षित’ और ‘सुरक्षित प्लस’ श्रेणियों में किया जाता है। इसके प्रमुख लक्ष्यों में अधिक से अधिक संक्रमितों की पहचान, उन्हें नियमित उपचार से जोड़ना और उपचाररत मरीजों का वायरल लोड नियंत्रित रखना शामिल है। ‘सुरक्षित प्लस’ के लिए माता से शिशु में संक्रमण की रोकथाम सहित अन्य निर्धारित मानकों पर भी काम करना होगा।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कलेक्टर अजीत बसंत के नेतृत्व और मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा जिला एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी के निर्देशन में यह प्रयास किया जा रहा है। दिशा टीम, एकीकृत परामर्श एवं जांच केंद्र, एआरटी केंद्र, प्रयोगशाला सेवाओं और कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों की सहभागिता से जांच, परामर्श, उपचार और मरीजों की निगरानी को मजबूत किया गया है।
कलेक्टर अजीत बसंत ने आगे जोखिमग्रस्त व्यक्तियों की स्वैच्छिक जांच, गर्भवती महिलाओं की जांच और जरूरत पड़ने पर समय पर उपचार, नियमित वायरल लोड परीक्षण तथा उपचार से छूटे मरीजों को दोबारा चिकित्सा सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की गोपनीयता और सम्मान बनाए रखने तथा उनके प्रति भेदभाव समाप्त करने की जरूरत भी बताई।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि समय पर जांच, नियमित उपचार और चिकित्सकीय परामर्श से एचआईवी संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। जिले का अगला संकल्प हर संक्रमित व्यक्ति को उपचार से जोड़ना और नवजातों को संक्रमण से बचाना है.

