28 May 2024
सरगुजा में कहीं उल्टा ना पड़ जाए भाजपा का यह दांव,केंद्रीय सर्वे टीम द्वारा केंद्रीय चुनाव समिति को भेजी रिपोर्ट में अपना नाम नहीं होने की भनक लगते ही इस सीट के दूसरे दावेदारों ने रायपुर में जमा लिया डेरा
राजनीति राज्य

सरगुजा में कहीं उल्टा ना पड़ जाए भाजपा का यह दांव,केंद्रीय सर्वे टीम द्वारा केंद्रीय चुनाव समिति को भेजी रिपोर्ट में अपना नाम नहीं होने की भनक लगते ही इस सीट के दूसरे दावेदारों ने रायपुर में जमा लिया डेरा

अंबिकापुर। पिछली हार से सबक लेकर भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति ने इस बार  रणनीति बदलते हुए विधानसभा चुनाव से 3 महीने पहले ही पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है। लेकिन डर है कि उम्मीदवारों के चयन में कथित रूप से स्थानीय पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने से उपजे असंतोष से छत्तीसगढ़ में भाजपा का यह दांव  कहीं उल्टा ना पड़ जाए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उम्मीदवारों की लिस्ट बनाने के दौरान जिला प्रभारी विधानसभा प्रभारी जिला कोर कमेटी सहित अन्य जिला स्तर के कमेटियों व कार्यकर्ताओं से राय मशवरा तक नहीं लिया गया। सर्वे टीम द्वारा गुप्त रूप से सर्वे कर प्रत्याशी चयन कर लिया गया। ऐसे में कार्यकर्ता  खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। वहीं संभाग की सर्वाधिक प्रतिष्ठित और हाई प्रोफाइल अंबिकापुर सामान्य सीट में प्रत्याशी की घोषणा कैडर बनाम नॉन कैडर के विवाद में पड़ने के बाद रोकनी पड़ी है। उधर केंद्रीय सर्वे टीम द्वारा केंद्रीय चुनाव समिति को भेजी रिपोर्ट में अपना नाम नहीं होने की भनक लगता ही इस सीट के दूसरे दावेदारों ने रायपुर में डेरा जमा लिया है।  इन नेताओं ने प्रदेश स्तर के नेताओं को अपनी नाराजगी जता दी है। प्रदेश भर में उपज रहे असंतोष के चलते ही भाजपा के चाणक्य माने जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कहना पड़ा है कि उम्मीदवारों की यह सूची अंतिम न मानी जाए इसे बदला भी जा सकता है वहीं कांग्रेस भाजपा की सूची को टेस्टिंग बता रही है।

गौरतलब है कि 15 साल राज करने के बाद सत्ता से बेदखल हुई भाजपा इस चुनाव में दोबारा सत्ता पर काबीज होने एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। चुनाव की कमान शाह के हाथों में है। गत 16 अगस्त को भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में हुई थी ,बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ,गृह मंत्री अमित शाह, सहित चुनाव समिति के दूसरे सदस्य भी मौजूद थे। बैठक में उम्मीदवारों के नाम पर विचार कर सूची को अंतिम रूप दिया गया था। वहीं बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्याशियों को चुनाव से पहले तैयारी का पूरा समय मिल सके इसलिए लिस्ट जल्दी ही जारी कर दी जाएगी। इसके ठीक अगले दिन छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भाजपा प्रत्याशियों कि पहले लिस्ट जारी कर दी गई। इनमें सरगुजा संभाग की सीटे भी थी। इन सीटों में प्रेम नगर,  प्रतापपुर,  रामानुजगंज, भटगांव, की सीटे भी शामिल है।  तकरीबन तीन माह पूर्व प्रत्याशियों की घोषणा को पहले भाजपा का बड़ा चुनावी पैतरा माना जा रहा था, लेकिन जैसा-जैसे कार्यकर्ताओं का संतोष सामने आ रहा है वैसे-वैसे आशंका है कि भाजपा का यह चुनावी पैतरा  कही उल्टा ना पड़ जाए। पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि केंद्रीय सर्वे की टीम द्वारा प्रत्याशी विधानसभा प्रभारी संभाग प्रभारी जिला प्रभारी तक से राय नहीं ली गई ।जबकि वे वर्षों से मेहनत कर रहे थे। यहां तक की जिला कोर कमेटी विधानसभा कोर कमेटी और से भी नहीं पूछा गया और उन्हें भी दरकिनार कर दिया गया जो विधानसभा क्षेत्र में  नीति निर्धारण का काम करती है।

अंबिकापुर सीट  में विवाद के बाद रोकी गई घोषणा-

पार्टी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं अंबिकापुर विधानसभा सीट पर पेंच कैडर  और नान कैडर  के विवाद को लेकर फस गया है।दरअसल केंद्रीय सर्वे की टीम द्वारा किए गए सर्वे में संभावित प्रत्याशियों में लखनपुर के राजेश अग्रवाल का नाम सर्वाधिक आगे था इसलिए टीम द्वारा चुनाव समिति को एकमात्र नाम राजेश अग्रवाल का भेजा गया। लेकिन सिर्फ एक नाम देखकर चुनाव समिति के सदस्य संतुष्ट नहीं हुए।  इस बीच उम्मीदवारी के दौड़ में पिछड़ जाने और अपना नाम काटने की भनक लगते ही इस सीट के दूसरे दिग्गज उम्मीदवार ने रायपुर में डेरा जमा दिया है। पार्टी प्रत्याशियों की दौड़ में वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे का नाम भी दूसरे उम्मीदवारों से आगे था। राजधानी रायपुर पहुंचे भाजपा नेताओं में पार्षद और दिग्गज नेता आलोक दुबे वरिष्ठ भाजपा नेता अनुराग सिंह देव अखिलेश सोनी शामिल है। इस बीच अंबिकापुर सीट के उम्मीदवार की घोषणा रोक दी गई है। इस सीट पर संभवत 25 से 30 अगस्त के बीच उम्मीदवार घोषित कर दिया जाएगा।

प्रतापपुर की प्रत्याशी पिछले चुनाव में थी भाजपा के खिलाफ-

प्रतापपुर  सीट से पार्टी ने श्रीमती शकुंतला पोर्ते को प्रत्याशी घोषित किया है। पिछले जिला पंचायत चुनाव में दिग्गज भाजपा नेता पूर्व मंत्री व राज्यसभा सांसद राम विचार नेताम की पत्नी श्रीमती पुष्पा नेताम और श्रीमती शकुंतला सिंह आमने-सामने थी।  काफी जोर देने के बाद भी श्रीमती शकुंतला सिंह ने अपना नाम वापस नहीं लिया था। वही बताया जा रहा है प्रत्याशी चयन में उपेक्षा से पूर्व गृहमंत्री रामसेवक पर भी नाराज चल रहे हैं ऐसे में दोनों बड़े नेताओं राम विचार नेताम और रामसेवक पर की नाराजगी झेलते हुए जितना श्रीमती शकुंतला सिंह के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।

संघ और प्रदेश प्रभारी की राय रही निर्णायक-

विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों के चयन में इस बार भी संघ और प्रदेश प्रभारी की राय को ही महत्व दिया गया है। बताया जा रहा है कि केंद्र सर्वे टीम द्वारा तीन से चार बार सर्वे कराया गया और गुप्त रूप से पूछताछ राय मशवरा की गई थी। जिसके बाद अंतत संघ की हरी झंडी मिलने के बाद ही प्रत्याशियों का नाम फाइनल किया गया है।

यह है पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी-

प्रेम नगर -भूलन सिंह मरावी
भटगांव – श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े
प्रतापपुर – श्रीमती शकुंतला सिंह पोर्ते
रामानुजगंज – रामविचार नेताम
लुंड्रा – प्रबोध मिंज

 

 

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