26 May 2024
डॉक्टर जी. एस. घुरिये ने भारतीय परिप्रेक्ष्य मेथाडोलॉजी प्रस्तुत की जो मील का पत्थर साबित हुई….जन्म दिवस पर उनके समाजशास्त्रीय योगदान पर पी.जी. महाविद्यालय में हुआ व्याख्यान
आयोजन राज्य शिक्षा

डॉक्टर जी. एस. घुरिये ने भारतीय परिप्रेक्ष्य मेथाडोलॉजी प्रस्तुत की जो मील का पत्थर साबित हुई….जन्म दिवस पर उनके समाजशास्त्रीय योगदान पर पी.जी. महाविद्यालय में हुआ व्याख्यान

अम्बिकापुर ।राजीव गांधी पी.जी. महाविद्यालय अंबिकापुर के समाजशास्त्र विभाग के द्वारा प्रसिद्ध भारतीय समाजशास्त्री डॉक्टर जी. एस. घुरिये के जन्म दिवस के अवसर पर उनके समाजशास्त्रीय योगदान पर व्याख्यान हुआ। जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में शासकीय कन्या महाविद्यालय से डॉक्टर श्वेता कुमारी शामिल हुई। कार्यक्रम के प्रारंभ में राजीव गांधी पी.जी. कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर रिजवान उल्ला ने अपने उद्बोधन में समाजशास्त्र में डॉक्टर जी. एस. घुरिये के योगदान को सराहा साथ ही कहा कि वे ऐसे प्रथम भारतीय समाजशास्त्री थे जिन्होंने पश्चिमी देशों में समाजशास्त्र के विश्लेषण को भारतीय सांस्कृतिक पारंपरिक परिप्रेक्ष्य में देखते हुए उसकी मीमांसा की क्योंकि भारत और पश्चिमी देशों की सामाजिक दशाएं, परिस्थितिया काफी भिन्न होती हैं । डॉ घुरिये ने भारतीय परिप्रेक्ष्य मेथाडोलॉजी प्रस्तुत की जो मील का पत्थर साबित हुई। मुख्य वक्ता के रूप में डॉक्टर श्वेता ने छात्र-छात्राओं को डॉ घुरिये के सिद्धांतों को सरल शब्दों में उल्लेखित किया साथ ही छात्र-छात्राओं के सभी प्रश्नों और जिज्ञासाओ और शंकाओं का समाधान भी किया।

इसके अलावा विभागाध्यक्ष डॉक्टर श्रीमती प्रतिभा सिंह ने भी डॉक्टर जी. एस. घुरिये जी के जीवन पर प्रकाश डाला और अपने मुख्य अतिथि और अपने मुख्य वक्ता और अपने सहयोगियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया ।कार्यक्रम में डॉक्टर प्रदीप एक्का ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन छात्र शिवम सिंह ने किया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार रखे।

 

 

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