28 May 2024
गांव को बसाने (सृजन ) एवं इसके विकास में योगदान देने वाले प्रथम नागरिकों के नाम पर सरगुजा के इस गांव में स्थापित है प्रतीक के रूप में खम्भा… पूर्वजों को सम्मान देने ग्रामीणों ने की थी पहल…पारम्परिक वाद्य यन्त्रों ढ़ोल नागाड़ों, झाँझ एवं मांदर की धुन के साथ पूर्वजों के 6वीं वर्षगांठ को मनाया
आस्था ख़बर जरा हटके राज्य

गांव को बसाने (सृजन ) एवं इसके विकास में योगदान देने वाले प्रथम नागरिकों के नाम पर सरगुजा के इस गांव में स्थापित है प्रतीक के रूप में खम्भा… पूर्वजों को सम्मान देने ग्रामीणों ने की थी पहल…पारम्परिक वाद्य यन्त्रों ढ़ोल नागाड़ों, झाँझ एवं मांदर की धुन के साथ पूर्वजों के 6वीं वर्षगांठ को मनाया

रामनगर पंचायत में पूर्वजों के सम्मान में मनाया गया 6 वाँ पूर्वज सम्मान दिवस

उदयपुर। ब्लॉक अंतर्गत रामनगर पंचायत में स्थित विभिन्न चौक – चौराहों का नामकरण गांव को बसाने (सृजन ) एवं इसके विकास में योगदान देने वाले प्रथम नागरिकों के नाम पर 30 दिसम्बर 2018 को ग्रामीणों ने यह पहल कर अपने पूर्वजों को सम्मान दिया था, इसके तहत प्रतीक के रूप में खम्भा स्थापित कर पारम्परिक रीति -रिवाज़ से पूजा पाठ कर उत्साह पूर्वक चौक चौराहों का नामकरण किया गया था। इसी उपलक्ष्य में इस वर्ष 29 दिसम्बर शाम से 30 दिसम्बर 2023 को देर रात्रि तक बायर नाचा पुरे हर्षोल्लास के साथ पारम्परिक वाद्य यन्त्रों ढ़ोल नागाड़ों, झाँझ एवं मांदर की धुन के साथ पूर्वजों की 6वीं वर्षगांठ मनाया गया। अपने तरह के इस अनूठे आयोजन का विचार पूर्व निर्विरोध सरपंच रोहित सिंह टेकाम के मन में आया, सरपंच स्वयं गांव को बसाने वाले प्रथम पूर्वज देव ढाढू मांझी टेकाम एवं नान मांझी टेकाम के नवमी पीढ़ी के वंशज हैं, इन्होंने बाबा रामप्रसाद (पटेल) व देवसाय (बैगा ), दिलीप सिंह, सुमिरन सिंह, ह्रदय राम, चमरू राम, हरिहर राम, फेकू राम, रमजीत आदि से मार्गदर्शन लेते हुए रामनगर पंचायत में इस तरह के छः चौक-चौराहों का नामकरण देव ढाढू मांझी टेकाम, देव नान मांझी टेकाम, देव सुखी राम सरोटिया, देव दुखी राम सरोटिया, त्रिलोचन पोरते, बंधु राम यादव, के नाम पर किया गया है, चूंकि चौक स्थापना के समय ही कुछ जगह को छोड़कर बाकि चार जगहों को देवधाम के रूप में स्थापित किया गया है। देव ढाढू मांझी टेकाम व नान मांझी टेकाम की पूजा गांव के प्रत्येक घर और देव स्थलों में पहले से ही की जाती रही है, देव सुखी राम सरोटिया, देव दुखीराम सरोटिया जी की पूजा गांव के सरोटिया परिवारों में एवं देव स्थानों में किये जाने की परंपरा है। इसी आयोजन के पश्चात् अब मास के पूर्णिमा के दिन इन स्थलों में दीप प्रज्वलित किया जाता है, प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी शनिवार को पारम्परिक रीति रिवाज़ पूजा पाठ वाद्य यन्त्र ढ़ोल मांदर झाँझ इत्यादि के धुन के साथ साथ पूर्वजों का जय जयकारा गूँजता रहा, इस तरह उत्साह पूर्वक, हर्षोल्लास के साथ छठवाँ वर्षगांठ के रूप में पूर्वज सम्मान दिवस त्यौहार संपन्न हुआ। इस दौरान रामनगर के पूर्वज सम्मान संघर्ष समिति का सहयोग व उत्साह सराहनीय रहा। गांव के सभी बैगा पुजारी वरिष्ठजन सुमिरन सिंह सरोटिया, दिलीप सिंह सरोटिया, रोहित सिंह टेकाम, सुखनन्दन सरोटिया, श्यामलाल बैगा, अमर सिंह सरोटिया, माझीराम टेकाम, रमजीत टेकाम, नार सिंह सरोटिया,फेकूराम सरोटिया, धन साय टेकाम, दशरथ टेकाम, प्रीतम टेकाम, सरपंच ललिता सिंह टेकाम, बीरबल सरोटिया, देवत राम सरोटिया, धर्मपाल सरोटिया, देवनंद सिंह सरोटिया, अवधेश सरोटिया, अकत सिंह सरोटिया, बुधलाल श्याम, चरन सरोटिया, अकिल सरोटिया, मनुक पोरते, पनेश्वर पोरते, बलीराम सरोटिया, जयपाल सरोटिया, कृष्णा टेकाम, कमल सिंह, अनुक सिंह सरोटिया, मुनेश्वर सरोटिया, दयाराम पोरते, महेन्द्र सिंह सरोटिया, रविचंद सिंह सरोटिया, चमरू राम सरोटिया, लगन सरोटिया, देवार राम सरोटिया, मोतीराम सरोटिया, सिबल पोरते, असंतलाल सरोटिया,रोहित सिंह सरोटिया, देशू राम टेकाम, सुखसाय सरोटिया (नान बैगा), कुलमल पोरते एवं रामनगर पंचायत क्षेत्र के सैकड़ो ग्रामीणजन उपस्थित रहे।।

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