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केसमा से डुफाखार तक हाथियों की हलचल, तीन टीमें चौबीसों घंटे कर रहीं निगरानी; समझाइश के बावजूद हाथियों के पीछे दौड़ रही भीड़ ने बढ़ाई चिंता
उदयपुर। मैनपाट से लखनपुर होते हुए उदयपुर क्षेत्र में पहुंचे 14 हाथियों के दल ने ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हाथियों ने खेतों में घुसकर बड़े पैमाने पर धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। अब तक करीब दो दर्जन किसानों की फसल प्रभावित होने की जानकारी है। हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने तीन अलग-अलग टीमें तैनात कर चौबीसों घंटे निगरानी शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार 14 हाथियों का दल मैनपाट क्षेत्र से निकलकर लखनपुर के पटकुरा बीट के कक्ष क्रमांक 2205 से होते हुए 11 सितंबर को केदमा क्षेत्र के केसमा जंगल पहुंचा। दिनभर जंगल में ठहरने के बाद शाम होते ही दल केसमा से डुफाखार की ओर बढ़ा। इस दौरान रास्ते में खेतों में खड़ी धान की फसल को रौंदते हुए हाथी लालपुर-केदमा के बीच रेण नदी किनारे जोकी नाला मुहानी सायर मार्ग तक पहुंच गए। इसके बाद दल डुफाखार की ओर बढ़ गया और जंगल में मौजूद बताया जा रहा है।
दो दर्जन किसानों को नुकसान
वन विभाग के अनुसार हाथियों के कारण करीब दो दर्जन किसानों की फसल प्रभावित हुई है। प्रारंभिक आकलन में लगभग चार हेक्टेयर धान की फसल को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। केसमा, सायर, केदमा, डुफाखार, बुले, बसवार और लालपुर सहित आसपास के गांवों में हाथियों के पहुंचने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है।
समझाइश बेअसर, हाथियों के पीछे नदी तक दौड़ी भीड़
सबसे चिंताजनक स्थिति ग्रामीणों की भीड़ को लेकर सामने आई है। वन विभाग की लगातार समझाइश और चेतावनी के बावजूद बड़ी संख्या में लोग हाथियों को देखने और उनका पीछा करने जंगल एवं नदी क्षेत्र तक पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों की भीड़ हाथियों के पीछे नदी पार करती भी नजर आई। इससे हाथी-मानव संघर्ष का खतरा बढ़ गया है।
वन अमले ने चेतावनी दी है कि हाथियों को घेरना, उनके करीब जाना या उनका पीछा करना जानलेवा साबित हो सकता है। प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर लोगों को जंगल की ओर नहीं जाने और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है।
14 के दल के साथ अकेला दंतैल भी बना चुनौती
क्षेत्र में 14 हाथियों के दल के अलावा पिछले करीब एक महीने से एक दंतैल हाथी भी सक्रिय है। यह हाथी समय-समय पर आबादी के करीब पहुंचकर मकानों और फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। करीब एक सप्ताह पहले दंतैल कोयला खदान क्षेत्र में भी घुस गया था। वन अमले ने भारी बारिश के बीच करीब तीन घंटे मशक्कत कर उसे खदान क्षेत्र से बाहर निकाला था।
दल प्रभारी गिरीश वनपाल सहित वनकर्मी प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रहे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से हाथियों के पीछे भीड़ नहीं लगाने और किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल वन अमले को देने की अपील की है।

