11 August 2026
थाने से 50 मीटर दूर चोरी… क्या अपराधियों को पुलिस का खौफ नहीं?….धरना दूसरे दिन भी जारी, एक करोड़ की उठाईगिरी का सुराग नहीं; अभी चार लाख रुपए के चोरी की घटना से उबर भी नही पाया उसी पीड़ित के ग्राहक सेवा केंद्र में फिर चोरी
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थाने से 50 मीटर दूर चोरी… क्या अपराधियों को पुलिस का खौफ नहीं?….धरना दूसरे दिन भी जारी, एक करोड़ की उठाईगिरी का सुराग नहीं; अभी चार लाख रुपए के चोरी की घटना से उबर भी नही पाया उसी पीड़ित के ग्राहक सेवा केंद्र में फिर चोरी

Sarguja express…..

मो.हदीस,

सीतापुर। नगर में एक करोड़ रुपये के जेवरात की उठाईगिरी के मामले में व्यापारी संघ का धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी है।
व्यापारी पुलिस से वारदात का जल्द खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गए जेवरात की बरामदगी की मांग पर अड़े हैं। इसी बीच लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली और रात्रि गश्त व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


धरना प्रदर्शन के पहले दिन ही बीती रात थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित एचडीएफसी बैंक से एसी में लगे तांबे का तार काटकर चोर ले गये।जिसकी कीमत 50 हज़ार बताई जा रही है।जिसकी रिपोर्ट बैंक प्रबंधक ने थाने में दर्ज कराई है। इतना ही नहीं, भौराडाड निवासी सत्यनारायण कुशवाहा के एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र को भी चोरों ने निशाना बना दिया।जिसमें अंदर में रखें 9 हजार रुपये नगद सहित सटे हुए उन्ही का किराना दुकान से 10 हजार का सामान पार कर दिये।
सबसे गंभीर बात यह है कि सत्यनारायण कुशवाहा के यहां ठीक एक माह पहले भी चार लाख रुपये से अधिक की चोरी हुई थी। उस मामले में अब तक पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है। पुरानी चोरी का खुलासा नहीं हुआ और उसी प्रतिष्ठान में दोबारा चोरी की घटना सामने आने से पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।

👉एक तरफ धरना, दूसरी तरफ चोरों का ‘एक्शन’!

नगर में व्यापारी एक करोड़ रुपये की उठाईगिरी के खुलासे की मांग को लेकर सड़क पर बैठे हैं, वहीं चोर मानो पुलिस की कार्रवाई को ही चुनौती देते हुए लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर चोरी की घटना होना पुलिस के लिए महज एक और मामला नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा सवाल है।
व्यापारियों का कहना है कि जब थाने के आसपास ही चोरी की घटनाएं नहीं रुक रही हैं और एक माह पुरानी चोरी का भी खुलासा नहीं हो पाया है, तो नगर के दूसरे हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।

👉‘खौफ किसका—पुलिस का या चोरों का?’

एक करोड़ की उठाईगिरी के बाद व्यापारी पहले से ही दहशत और आक्रोश में हैं। अब लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है या फिर पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था अपराधियों के सामने बेअसर साबित हो रही है?
व्यापारी संघ ने पुरानी और नई चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है।
अब देखना होगा कि पुलिस इन घटनाओं को चुनौती के रूप में लेकर अपराधियों तक पहुंचती है या फिर शहर में चोरी की वारदातों का सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।

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