Sarguja express……
मो,हदीस/
सीतापुर। सीतापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दस्त की बीमारी से ग्राम गिरहुलडीह निवासी 35 वर्षीय युवक लक्ष्मण की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। मृतक के परिजनों का आरोप है कि शव को घर ले जाने के लिए 1099 पर फोन करने के बावजूद करीब साढ़े चार घंटे तक उन्हें शव वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया।
परिजनों के अनुसार, शव वाहन के चालक द्वारा लगातार वाहन आने की बात कहकर उन्हें साढ़े चार घंटे तक इंतजार कराया गया, लेकिन इसके बावजूद शव वाहन नहीं पहुंचा। इस दौरान मृतक के परिजन अस्पताल में शव लेकर परेशान होते रहे।
मामले को लेकर परिजनों ने सीतापुर बीएमओ डॉ. एसएन पैंकरा से शिकायत भी की। काफी इंतजार के बाद भी जब शव घर ले जाने की कोई व्यवस्था नहीं बन सकी तो परिजनों के सामने मजबूरी की स्थिति पैदा हो गई। बताया जा रहा है कि परिजनों ने उधार में 1500 रुपये लेकर निजी वाहन की व्यवस्था की और शव को अपने गांव ले गए।
एक ओर शासन-प्रशासन द्वारा जरूरतमंदों के लिए शव वाहन जैसी मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर एक गरीब परिवार को अपने मृत परिजन का शव घर ले जाने के लिए उधार लेकर निजी वाहन का सहारा लेना पड़ा। घटना ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं और जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

