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सामूहिक रूप से नशीले इंजेक्शन लगाने वालों में बढ़ा संक्रमण, स्वास्थ्य विभाग बोला- वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है; पुलिस के साथ चल रहा संयुक्त अभियान
(दीपक सराठे)
अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में नशीले इंजेक्शनों के बढ़ते इस्तेमाल ने अब गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप लेना शुरू कर दिया है। पुलिस द्वारा लगातार अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद किए जाने के बीच स्वास्थ्य विभाग ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। विभाग के अनुसार, सामूहिक रूप से नशीले इंजेक्शन का इस्तेमाल करने वाले 175 लोग एचआईवी (एड्स) संक्रमित पाए गए हैं। यह केवल पंजीकृत मरीजों का आंकड़ा है, जबकि अधिकारियों का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया है कि संक्रमित पाए गए अधिकांश लोग एक-दूसरे के साथ नशीले इंजेक्शन और सुई साझा कर नशा करते थे। इसी वजह से एचआईवी संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका जताई जा रही है। विभाग का कहना है कि सामूहिक रूप से इंजेक्शन का उपयोग करने वालों में संक्रमण फैलने का खतरा अत्यधिक रहता है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, संक्रमित मरीजों में सूरजपुर जिले के 108, कोरिया के 40, एमसीबी के 15, सरगुजा के 11 तथा बलरामपुर और जशपुर जिले का 1-1 व्यक्ति शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने इन सभी संक्रमितों को चिन्हित कर उपचार शुरू कर दिया है।

जिला एड्स नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी डॉ. शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि नशीले इंजेक्शनों का सामूहिक उपयोग एचआईवी संक्रमण फैलने का सबसे बड़ा कारण बन रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में 80 प्रतिशत से अधिक संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए युवाओं और नशे के आदी लोगों को इस खतरे के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि एचआईवी संक्रमण की पुष्टि होने के बाद मरीज सामान्य जीवन जी सकता है, लेकिन उसे जीवनभर नियमित रूप से एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी ) की दवाएं लेनी पड़ती हैं। वर्तमान में सभी संक्रमित मरीजों का उपचार जारी है और उनकी नियमित निगरानी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर नशे के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने की बात कही है। लगातार हो रही कार्रवाई के बावजूद नशीले इंजेक्शनों की बरामदगी यह संकेत दे रही है कि सरगुजा संभाग में नशे का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते नशे पर प्रभावी नियंत्रण और व्यापक जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया, तो यह समस्या केवल कानून-व्यवस्था ही नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा संकट बन सकती है।
सरगुजा में 70 लाख की नशीली दवाएं जब्त, 65 तस्कर जेल भेजे गए

सरगुजा संभाग में नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन क्लीन” के तहत संभागीय आबकारी उड़नदस्ता ने पिछले एक वर्ष में बड़ी सफलता हासिल की। अभियान के दौरान कुल 55 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 65 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया। कार्रवाई के दौरान करीब 70 लाख रुपये मूल्य की नशीली दवाइयां जब्त की गई हैं।
जब्त की गई सामग्री में बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन, कफ सिरप, प्रतिबंधित टैबलेट और कैप्सूल शामिल हैं, जिनका अवैध रूप से नशे के लिए उपयोग किया जा रहा था।

सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले गिरोहों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, “ऑपरेशन क्लीन” के तहत केवल तस्करों की गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि नशीली दवाइयों की सप्लाई चेन को भी तोड़ने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि नशीली दवाइयों की तस्करी और अवैध बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। साथ ही आम लोगों से भी अपील की गई है कि नशे के कारोबार से जुड़ी किसी भी जानकारी की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि इस नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

