Sarguja express…..
अंबिकापुर. नगर के दर्रीपारा स्थित प्राइवेट संकल्प हॉस्पिटल में दर्दनाक हादसा हुआ। जनरेटर में डीजल भरते समय महिला गार्ड अनिशा तिग्गा (27) का दुपट्टा पंखे में फंस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। सिर में गहरी चोट लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दरअसल, अनिशा तिग्गा पिछले करीब 2 वर्षों से अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थी। परिजनों का आरोप है कि उसे बिना सुरक्षा इंतजाम के जनरेटर में डीजल भरने भेजा गया, जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव मिलने पर परिजन भड़क गए। उन्होंने अस्पताल के सामने सड़क पर शव रखकर करीब 3 घंटे तक चक्काजाम किया। परिजनों ने 50 लाख मुआवजा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के कारण यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं थे। काफी देर तक हंगामा जारी रहा और क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा। अंबिकापुर एसडीएम राम सिंह ठाकुर की मौजूदगी में अस्पताल प्रबंधन और परिजनों के बीच चर्चा हुई। अंततः प्रबंधन ने मृतका की बेटी के नाम 9 लाख जमा करने और अन्य आर्थिक सहायता देने पर सहमति दी। इसके बाद परिजनों ने आंदोलन समाप्त कर दिया।
हॉस्पिटल का पक्ष- इलाज कराया, मदद पर थी बातचीत
हॉस्पिटल प्रबंधन का कहना है कि हादसे के बाद तत्काल इलाज कराया गया था। उन्होंने कुछ सहायता देने की पहल की थी और इस पर आगे बातचीत की बात कही थी, लेकिन परिजन तत्काल मुआवजे की मांग पर अड़े थे।
कांग्रेस नेता ने भी की उचित मुआवजे की मांग
मौके पर पहुंचे पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और संवेदनशीलता दिखाने की अपील की। वहीं, आंदोलन समाप्त कर परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।

