13 April 2026
मैनपाट में हाथियों का आतंक, रतजगा कर रहे ग्रामीण; पर्यटन क्षेत्र में बढ़ी दहशत
समस्या राज्य

मैनपाट में हाथियों का आतंक, रतजगा कर रहे ग्रामीण; पर्यटन क्षेत्र में बढ़ी दहशत

Sarguja express….

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट में इन दिनों हाथियों के दल ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। करीब 14 हाथियों का झुंड पिछले कई दिनों से क्षेत्र में डेरा डाले हुए है, जिससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को अपने घरों और फसलों की सुरक्षा के लिए रातभर जागकर पहरा देना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह दल मैनपाट के टाइगर प्वाइंट के समीप मूसाखोल जंगल में ठहरा हुआ है। बीती रात हाथियों का झुंड अचानक मूसाखोल बस्ती में घुस आया और वहां खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। हाथियों की आवाजाही से घबराए ग्रामीण पूरी रात उन्हें बस्ती से दूर भगाने का प्रयास करते रहे। सुबह होते ही हाथियों का दल वापस जंगल की ओर लौट गया, लेकिन उनके फिर से लौटने की आशंका बनी हुई है।
हाथियों की मौजूदगी के कारण मूसाखोल, बिजलहवा, कलजीबा, असकरा और कुनिया समेत कई गांवों के लोग भय के साए में जी रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही शाम ढलती है, हाथी जंगल से निकलकर बस्तियों की ओर बढ़ने लगते हैं। इससे लोगों को अपनी फसल और मकानों की सुरक्षा के लिए रातभर जागकर निगरानी करनी पड़ रही है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। विभाग द्वारा ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है और हाथियों के आने की सूचना समय-समय पर दी जा रही है। हालांकि, वन विभाग के पास फिलहाल हाथियों को पूरी तरह नियंत्रित करने के सीमित संसाधन हैं, जिसके चलते वे केवल निगरानी और चेतावनी देने तक ही सीमित हैं।
इधर, हाथियों का दल मैनपाट-सीतापुर मुख्य मार्ग पर भी कई बार देखा गया है, जिससे मार्ग से गुजरने वाले लोगों में भी डर बना हुआ है। वन विभाग द्वारा सड़क पर आने-जाने वाले यात्रियों को सतर्क किया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो।
पर्यटन पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। टाइगर प्वाइंट जाने वाले पर्यटकों को शाम चार बजे के बाद रोक दिया जा रहा है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। हालांकि अभी तक हाथियों के आक्रामक होने की कोई सूचना नहीं है, फिर भी उनकी लगातार मौजूदगी ने पूरे क्षेत्र में भय और सतर्कता का माहौल बना दिया है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान हो सके और वे सामान्य जीवन जी सकें।

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