Sarguja express…..
अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के सभी संलग्नीकरण (अटैचमेंट) तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अन्य संस्थानों में संलग्न किए गए सभी चिकित्सकों और कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर लौटकर कार्यभार संभालने का आदेश दिया गया है।
संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा संभाग अंबिकापुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय स्वास्थ्य संचालनालय छत्तीसगढ़ के निर्देश पर लिया गया है। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा जारी पत्र के संदर्भ में बताया गया है कि छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के मंत्री ने 12 मार्च 2026 को विधानसभा में घोषणा करते हुए स्वास्थ्य संस्थाओं में मूल पदस्थापना से अन्यत्र संस्थानों में किए गए संलग्नीकरण को समाप्त करने की बात कही थी।
इसी घोषणा के पालन में प्रदेश भर में संलग्न किए गए चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को वापस उनके मूल पदस्थापना स्थल पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरगुजा संभाग के सभी जिलों में यह आदेश लागू होगा और इसके तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी स्तर पर जारी किए गए संलग्नीकरण या कार्यादेश को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए। इसमें कलेक्टर, संभागीय संयुक्त संचालक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी या अन्य किसी अधिकारी द्वारा जारी अटैचमेंट भी शामिल हैं। सभी संलग्न डॉक्टरों और कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त कर उनके मूल पदस्थापना स्थल पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे अपने अधीनस्थ संस्थानों में कार्यरत सभी संलग्न चिकित्सकों और कर्मचारियों को जल्द से जल्द उनके मूल स्थान पर भेजना सुनिश्चित करें। साथ ही उनकी उपस्थिति मूल पदस्थापना स्थल पर दर्ज कराई जाए।
विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए तीन दिन की समय-सीमा निर्धारित की है। निर्देश के अनुसार सभी जिलों को तीन दिनों के भीतर संलग्नीकरण समाप्त किए जाने की कार्रवाई पूरी कर उसका प्रमाण पत्र संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं रायपुर और संभागीय संयुक्त संचालक कार्यालय को भेजना अनिवार्य होगा।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की वास्तविक पदस्थापना के अनुसार कार्य व्यवस्था बेहतर हो सकेगी। कई स्थानों पर लंबे समय से डॉक्टर और कर्मचारी मूल पदस्थापना से अलग अन्य संस्थानों में अटैच होकर कार्य कर रहे थे, जिससे कई स्वास्थ्य केंद्रों में स्टाफ की कमी की स्थिति बनी हुई थी।
इस आदेश के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपलब्धता बेहतर होगी और मरीजों को समय पर उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं सरगुजा ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का सख्ती से पालन करने और तय समय-सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

