Sarguja express….
अंबिकापुर। पवित्र रमज़ान माह के दौरान कथित शासकीय आदेश को लेकर छत्तीसगढ़ में उत्पन्न भ्रम की स्थिति ने मुस्लिम समुदाय में असमंजस और नाराज़गी पैदा कर दी है। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जनाब सलीम राज द्वारा जारी एक पत्र में दावा किया गया था कि रमज़ान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति शासन ने प्रदान की है। हालांकि, राज्य शासन के आधिकारिक विभाग ने ऐसे किसी आदेश के जारी होने से इनकार किया है।
इन परस्पर विरोधी बयानों से विशेषकर रोज़ेदारों की भावनाओं को ठेस पहुँची है। अल्पसंख्यक समाज का कहना है कि पवित्र महीने में इस प्रकार की भ्रामक सूचना का प्रसार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मामले ने प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग, सरगुजा के अध्यक्ष रशीद अहमद अंसारी ने बयान जारी कर कहा कि जनता को सत्य जानने का पूरा अधिकार है। यदि बिना आधिकारिक पुष्टि के कोई पत्र जारी किया गया या गलत सूचना प्रसारित हुई, तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने सलीम राज को भविष्य में किसी भी आदेश से पहले शासन स्तर पर स्पष्ट पुष्टि करने की सलाह दी है, ताकि समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
अंसारी ने मांग की है कि पूरे प्रकरण पर लिखित स्पष्टीकरण जारी किया जाए, जिम्मेदारी तय कर उचित कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसे संवेदनशील मामलों में विशेष सावधानी बरती जाए। उन्होंने कहा कि रमज़ान अमन, सब्र और भाईचारे का संदेश देता है और उम्मीद जताई कि संबंधित पक्ष समाज का विश्वास बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं.

