10 March 2026
महिला से दुष्कर्म के आरोप में शिक्षक गिरफ्तार, शिक्षा विभाग ने किया निलंबित…..घर में अकेली महिला को देख किया दुष्कर्म, विरोध करने पर दी जान से मारने की धमकी; न्यायालय ने भेजा जेल
कार्रवाई क्राइम राज्य

महिला से दुष्कर्म के आरोप में शिक्षक गिरफ्तार, शिक्षा विभाग ने किया निलंबित…..घर में अकेली महिला को देख किया दुष्कर्म, विरोध करने पर दी जान से मारने की धमकी; न्यायालय ने भेजा जेल

Sarguja express

अंबिकापुर /वाड्रफनगर
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र में एक शिक्षक को महिला से दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

जानकारी के अनुसार वाड्रफनगर विकासखंड के शासकीय कन्या पूर्व माध्यमिक शाला बरतीकला में पदस्थ शिक्षक प्रतोष कुमार चंदेल पर आरोप है कि उन्होंने रात के समय एक महिला के घर में घुसकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। बताया जा रहा है कि घटना के समय महिला घर में अकेली थी। आरोपी ने मौके का फायदा उठाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। पीड़िता के अनुसार घटना के बाद आरोपी शिक्षक ने उसे इस बारे में किसी को भी जानकारी देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। धमकी के कारण महिला कुछ समय तक डरी-सहमी रही, लेकिन बाद में उसने हिम्मत जुटाकर पूरे मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई। पीड़िता ने 6 मार्च 2026 को पुलिस चौकी वाड्रफनगर, थाना बसंतपुर, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज में घटना की लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी शिक्षक प्रतोष कुमार चंदेल को 7 मार्च 2026 को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इधर घटना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय कार्रवाई की। सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक (शिक्षा) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि
आरोपी शिक्षक का यह कृत्य शासकीय सेवक की गरिमा और आचरण के प्रतिकूल है। यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 तथा 3-ख का स्पष्ट उल्लंघन है।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह मामला सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुआ है, जिससे शिक्षा विभाग की छवि प्रभावित हुई है। ऐसी स्थिति में अनुशासन बनाए रखने और विभाग की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई आवश्यक समझी गई।

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