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रायपुर। शिवि डेवलपमेंट सोसाइटी, नई दिल्ली द्वारा जेवियर इंस्टीटयूट ऑफ शोशल वर्क परिसर में प्रतिवर्ष की भांति २०२६ में महिला कार्यकर्ताओं की तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जो २५ मार्च से २७ मार्च तक चलेगी। कार्यशाला में बारह सत्र होंगे। शिवि डेवलपमेंट सोसाइटी विगत १४ वर्षों से छत्तीसगढ़ में महिलाओं के मानवाधिकार, सशक्तिकरण व आजीविका के मुद्दों को लेकर हस्तक्षेपरत है। यह पंद्रहवीं वार्षिक कार्यशाला है।
स्वागत भाषण में सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिंह सिसोदिया ने सभी प्रतिभागियों व अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि विगत पंद्रह सालों में छत्तीसगढ़ के सभी संभागों में हम मानवाधिकारों को लेकर गतिविधियां कर चुके हैं। नौ साल सिर्फ बस्तर संभाग हमारी गतिविधियों का केंद्र बिंदू रहा है। अब हमारा कार्य शीर्षक बदला है. मानवाधिकारों के अतिरिक्त सामर्थ्य हमारा केंद्र बिंदू होगा।
शिवि के संचालक श्री नरेंद्र कुमार ने संस्था के स्वप्न, उदेश्य व रणनीतियों से अवगत कराते हुए हाशिये पर रहने वाले सामाजिक तबके के साथ काम करने की प्रतिबद्घता को दोहराया। महिला मुद्दों पर सशक्तिकरण से सामर्थ्यवान तक की संस्था द्वारा की गई यात्रा से अवगत कराते हुए सभी का स्वागत किया। जेवियर इंस्टीट्यूट ऑफ शोशल एक्शन के संचालक फादर विनोद ने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी।
मुख्य अतिथि की आसंदी से बोलते हुए छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्षा डाॅ किरणमयी नायक ने महिला सशक्तिकरण को समय की जरूरत बताई। उन्होंने अपने कार्यकाल में सर्वाधिक सुनवाई की और हजारों महिलाओं को राहत दिलाने की बात कही। डाक्टर नायक ने उपस्थित प्रतिभागियों को महिला आयोग के समक्ष अपनी बात व पीड़ा पंहुचाने की विधा के बारे में जानकारी दी और बताया कि आयोग में किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता है।
कार्यशाला में पांचों संभागों से पैंतालीस महिला प्रतिभागी हिस्सा ले रही हैं। कार्यशाला का संचालन शिवि डेवलपमेंट सोसाइटी की कार्यक्रम अधिकारी सुश्री पैंगसोमिर बोरा कर रही हैं।

