5 April 2025
चार करोड़ की लागत से बना एनीकट पहले ही साल सूखा, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सिंचाई परियोजना….अधिकारियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार ने किसानों की उम्मीदों पर फेरा पानी, ग्रामीणों में आक्रोश
अनियमितता आरोप मांग राज्य शिकायत

चार करोड़ की लागत से बना एनीकट पहले ही साल सूखा, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सिंचाई परियोजना….अधिकारियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार ने किसानों की उम्मीदों पर फेरा पानी, ग्रामीणों में आक्रोश

Sarguja express ….

प्रतापपुर। विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम रेवटी में 2024 में करोड़ों की लागत से बनाया गया ऐनीकट महज एक साल में ही सूख गया है। अधिकारियों की घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण यह परियोजना किसानों के लिए किसी काम की नहीं रही।
जिसका बनते के साथ ही ग्रामीणों ने पुरजोर विरोध किया था मगर अधिकारी और ठेकेदार के साथ गांठ से कार्य को आनन फानन में पूरा कर दिया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि एनीकट के डेम गेट से नहीं, बल्कि निचले हिस्से (बेसमेंट) से पानी का रिसाव हो रहा है, इसमें घटिया स्तर का सीमेंट और कम मात्रा में छड़ का उपयोग हुआ है। ना हीं बेश को सही ढंग से बनाया गया है जिससे पानी टिक ही नहीं पा रहा है। किसानों के लिए जो जल संग्रहण संरचना बनाई गई थी, वह अब सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गई है।
गांव के लोगों को आज तक यह तक पता नहीं है कि एनीकट बनाने में कितने करोड़ों रुपये खर्च किए गए, क्योंकि अधिकारियों ने लागत का बोर्ड तक नहीं लगाया। जब ग्रामीणों ने इस पर सवाल उठाए तो अधिकारी जिम्मेदारी लेने के बजाय एक-दूसरे पर दोष मढ़ते नजर आए।

किसानों के लिए बड़ा झटका, सूखे की चपेट में खेती

गांव के किसानों की खेती-किसानी एनीकट पर निर्भर थी, लेकिन पानी न होने के कारण अब उनकी फसलें सूख रही हैं। जल संकट से न केवल सिंचाई प्रभावित हो रही है, बल्कि ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस एनीकट निर्माण में हुई अनियमितताओं की जांच की जाए और भ्रष्ट अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो किसान आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे।

मिली है शिकायत -धुर्वे

इस विषय में जल संसाधन सिंचाई विभाग अधिकारी ई ई एश बी धुर्वे ने बताया कि मामले की शिकायत प्राप्त हुई है इस मामले में मौका जांच कर ठेकेदार के विरोध कार्यवाही की जाएगी, विभागीय कर्मचारी ने गेट को उल्टा बंद कर दिए थे शायद इसके वजह से पानी का रिसाव हुआ, अगर कार्य में लापरवाही किया गया है तो जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी

 

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