Sarguja express
अंबिकापुर। कांकेर में हुई हिंसा एवं कथित धर्मांतरण के विरोध में सर्व समाज द्वारा आहूत छत्तीसगढ़ बंद का असर सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर में भी देखने को मिला। बुधवार सुबह से ही सर्व समाज और हिंदुवादी संगठनों से जुड़े पदाधिकारी नगर बंद कराने में सक्रिय रहे। मुख्य मार्गों की अधिकांश दुकानें बंद रहीं, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। क्रिसमस के ठीक पहले बंद के कारण व्यापारी वर्ग निराश नजर आया।
सुबह से सर्व समाज के बैनर तले हिंदुवादी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर व्यापारियों से दुकानें बंद रखने की अपील की। देवीगंज रोड, सदर रोड, ब्रम्हरोड और स्कूल रोड जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में दुकानें बंद कराई गईं। कई दुकानदार सुबह दुकान खोलने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन बंद समर्थकों के पहुंचने पर उन्होंने शटर नहीं उठाए।
दोपहर तक बंद को सफल बनाने के लिए टीमें सक्रिय रहीं। कुछ दुकानदारों ने दोपहर में शटर खोले, लेकिन बंद समर्थकों की टीम वहां पहुंच गई, जिसके बाद अधिकांश दुकानों को पुनः बंद कर दिया गया। हालांकि बंद का प्रभाव मुख्य मार्गों तक ही सीमित रहा। मोहल्लों और अंदरूनी क्षेत्रों की दुकानें सामान्य रूप से खुली रहीं।
छत्तीसगढ़ बंद को चेंबर ऑफ कॉमर्स का भी समर्थन प्राप्त था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल को प्रमुख चौक-चौराहों और मार्गों पर तैनात किया गया। पूरे घटनाक्रम के दौरान कहीं भी विवाद या अप्रिय स्थिति नहीं बनी।
व्यापारियों के अनुसार, अंबिकापुर में क्रिसमस के दौरान बड़े पैमाने पर खरीदारी होती है। मंगलवार को साप्ताहिक बंद होने के कारण अधिकांश दुकानों में कारोबार नहीं हुआ था, वहीं बुधवार को छत्तीसगढ़ बंद के चलते बाजार प्रभावित रहा। व्यापारियों ने क्रिसमस के लिए व्यापक तैयारी की थी और बुधवार को अच्छी बिक्री की उम्मीद थी, लेकिन बंद के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ा, जिससे व्यापारी वर्ग में मायूसी देखी गई।

