Sarguja express…..

अंबिकापुर। शहर के कृष्ण विहार कॉलोनी, फुंदुरडिहारी (गांधीनगर) क्षेत्र में रविवार को उड़ान महिला समिति की सदस्यों ने सेवा, संवेदनशीलता और साहस का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसकी क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। समिति की तत्परता और सामूहिक प्रयास से प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गाय और उसके नवजात बछड़े का जीवन सुरक्षित हो सका।
जानकारी के अनुसार कॉलोनी क्षेत्र में एक गाय लंबे समय से प्रसव पीड़ा से गुजर रही थी। स्थिति तब गंभीर हो गई जब पता चला कि बछड़ा गर्भ में ही फंस गया है। असहनीय पीड़ा के कारण गाय की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल था, लेकिन त्वरित निर्णय और साहसिक पहल ने हालात बदल दिए।
उड़ान महिला समिति की सदस्या श्रीमती कोमल यादव ने धैर्य और साहस का परिचय देते हुए आगे बढ़कर स्थिति को संभाला। उन्होंने अत्यंत सावधानी और संयम के साथ प्रयास कर फंसे हुए बछड़े को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों से न केवल गाय को भीषण पीड़ा से राहत मिली, बल्कि नवजात बछड़े को भी सुरक्षित जीवन मिल सका।
घटना की सूचना मिलते ही पशु चिकित्सक डॉ. आशीष महंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने गाय और बछड़े की चिकित्सकीय जांच कर आवश्यक उपचार और देखभाल सुनिश्चित की। डॉक्टर के अनुसार समय पर किए गए प्रयासों के कारण दोनों की स्थिति सामान्य और सुरक्षित बनी हुई है।
इस मानवीय कार्य में उड़ान महिला समिति की अध्यक्ष श्रीमती सुनीता सोनी, श्रीमती अंजुला मिश्रा, श्रीमती सवि चंद्रा सहित अन्य सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही। सभी ने मिलकर न केवल हिम्मत दिखाई, बल्कि यह भी साबित किया कि संवेदनशीलता और सामूहिक प्रयास से किसी भी संकट का सामना किया जा सकता है।
घटना के बाद क्षेत्रवासियों ने समिति की सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के समय में जहां लोग अक्सर ऐसी परिस्थितियों से दूरी बना लेते हैं, वहीं इन महिलाओं ने आगे बढ़कर सच्ची मानवता का परिचय दिया है।
उड़ान महिला समिति का यह कदम समाज के प्रति उनके दायित्वबोध और सेवा भावना को दर्शाता है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि संकट की घड़ी में साहस, करुणा और सामूहिक प्रयास ही मानवता की असली पहचान है.
सड़कों पर छोड़े जा रहे मवेशी, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
>शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों को सड़कों पर छोड़ने की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई पशु मालिक अपना काम निकलने के बाद गायों और अन्य मवेशियों को खुले में भटकने के लिए छोड़ देते हैं। इन बेसहारा पशुओं की देखभाल करने वाला कोई नहीं होता, जिससे वे भूख-प्यास और दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। वहीं सड़क पर घूमते मवेशियों के कारण आम नागरिकों को जाम और हादसों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। नागरिकों ने प्रशासन से ऐसे गैरजिम्मेदार पशु मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और प्रभावी व्यवस्था बनाने की मांग की है।

