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अंबिकापुर। जिले के प्रमुख चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के मेडिसन विभाग में 6 बिस्तरों वाली उच्च निर्भरता इकाई (एचडीयू) का विधिवत उद्घाटन अधिष्ठाता डॉ. अविनाश मेश्राम द्वारा किया गया। इस नई सुविधा के प्रारंभ होने से गंभीर रूप से बीमार मरीजों को बेहतर उपचार और निरंतर निगरानी उपलब्ध हो सकेगी।
उद्घाटन अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.सी. आर्या, मेडिसन विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज टेम्भुर्निकर, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश निगम, ऑर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. अरूणेश सिंह, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. आशा बंसल, मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मो. शागिल, डॉ. नवनीत दुबे सहित अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक, अन्य डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और सहयोगी कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
इस 6 बिस्तरों वाली उच्च निर्भरता इकाई की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ऐसे मरीजों को विशेष देखभाल प्रदान करना है, जिनकी स्थिति गंभीर होती है और जिन्हें सामान्य वार्ड से अधिक लेकिन अतिगहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) से कम स्तर की निगरानी की आवश्यकता होती है।

अधिष्ठाता डॉ. अविनाश मेश्राम ने बताया कि यह इकाई आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। इसमें प्रत्येक बेड पर मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर की व्यवस्था की गई है, जिससे मरीजों के विभिन्न स्वास्थ्य संकेतकों की निरंतर निगरानी संभव होगी। इसके अलावा ऑक्सीजन सप्लाई, सेंट्रलाइज्ड गैस पाइपलाइन सिस्टम, हाई-फ्लो ऑक्सीजन तथा आपातकालीन वेंटिलेशन सपोर्ट जैसी उन्नत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इस इकाई में कार्डियक मॉनिटरिंग की विशेष व्यवस्था है, जिससे हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों की लगातार निगरानी की जा सकेगी। साथ ही, संक्रमण नियंत्रण के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं, ताकि मरीजों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में उपचार मिल सके।
चिकित्सकों के अनुसार, यह उच्च निर्भरता इकाई विशेष रूप से गंभीर संक्रमण, ऑपरेशन के बाद की देखभाल तथा हृदय एवं श्वसन संबंधी रोगों से ग्रसित मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। यहां प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ द्वारा चौबीसों घंटे मरीजों की देखभाल की जाएगी और चिकित्सकों की सतत निगरानी भी सुनिश्चित की गई है।
अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि इस सुविधा के शुरू होने से जिले में उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाओं का विस्तार होगा और मरीजों को बड़े शहरों की ओर रुख करने की आवश्यकता कम होगी। साथ ही, समय पर उपचार मिलने से गंभीर मरीजों की स्थिति में तेजी से सुधार संभव हो सकेगा।
इस नई इकाई के प्रारंभ होने से न केवल मरीजों को लाभ मिलेगा, बल्कि अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था भी और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनेगी।

