Sarguja express
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर नगर स्थित संजय पार्क में आवारा कुत्तों के हमले से 15 हिरणों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार को 14 हिरणों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हिरण की रविवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पार्क को एहतियातन तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात पार्क के पास स्थित जंगल से कुछ आवारा कुत्ते परिसर में घुस आए। कुत्ते सीधे हिरणों के बाड़े तक पहुंच गए और वहां मौजूद हिरणों, सांभरों और अन्य वन्यजीवों पर हमला कर दिया। इस हमले में 14 हिरणों की तत्काल मौत हो गई, जबकि एक हिरण गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसने अगले दिन दम तोड़ दिया।
शनिवार सुबह जैसे ही घटना की जानकारी पार्क कर्मचारियों को मिली, हड़कंप मच गया। तत्काल पशु चिकित्सकों की टीम को बुलाया गया और सभी मृत हिरणों का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शवों का सुरक्षित निस्तारण किया गया। घायल हिरण का भी रविवार को पोस्टमार्टम कर अंतिम प्रक्रिया पूरी की गई।
घटना में लापरवाही सामने आने के बाद वन विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। सीसीएफ दिलराज प्रभाकर ने डिप्टी रेंजर सहित चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। सस्पेंड किए गए कर्मचारियों में डिप्टी रेंजर अशोक सिन्हा, वनपाल ममता परते, प्रतीमा लकड़ा और बिंदू सिंह शामिल हैं।
इसके अलावा अंबिकापुर के रेंजर अक्षपलक ऋषि को कारण बताओ नोटिस जारी कर पांच दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यह घटना वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक को उजागर करती है। आवारा कुत्तों का पार्क में घुसना और इतने बड़े स्तर पर नुकसान होना प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है। अब देखना होगा कि जांच रिपोर्ट के बाद क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

जांच के आदेश, 24 घंटे में रिपोर्ट
डीएफओ अभिषेक जोगावत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अंबिकापुर एसडीओ फॉरेस्ट के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई है, जिसे 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
पार्क में अब 16 हिरण शेष
वन विभाग के अनुसार, संजय पार्क में कुल 31 हिरण थे, जिनमें से 15 की मौत हो चुकी है। अब पार्क में केवल 16 हिरण बचे हैं। इनकी सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। पूरे पार्क को सैनेटाइज करने और बाड़ों की सुरक्षा बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
पार्क में हिरणों के अलावा मोर सहित कई अन्य पक्षी और वन्यजीव भी मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा अब प्राथमिकता बन गई है।
जानकारी के मुताबिक, लगभग पांच साल पहले संजय पार्क में 75 से अधिक हिरण थे। इनमें से 60 हिरणों को 5 साल पहले रमकोला क्षेत्र के नेशनल पार्क में स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद यहां हिरणों की संख्या धीरे-धीरे बढ़कर 31 तक पहुंच गई थी।

